Saturday, October 4, 2025

कब्ज (Constipation): Diagnosis and Treatment | निदान और उपचार

 

कब्ज (Constipation): Diagnosis and Treatment | निदान और उपचार

By Dr. Kamlesh Agrawal, Consultant Physician & Critical Care Specialist, Radha Krishna Critical Care Hospital, Kota


परिचय | Introduction

कब्ज पाचन तंत्र की सबसे सामान्य समस्या है। इसमें मल त्याग कठिन, कम या अधूरा हो जाता है। कभी-कभार कब्ज होना सामान्य है, लेकिन लंबे समय तक रहने पर यह जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है और कभी-कभी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है।


कब्ज क्या है? | What is Constipation?

यदि किसी व्यक्ति को:

  • सप्ताह में 3 से कम बार मल त्याग हो

  • मल कड़ा, सूखा या गांठदार हो

  • मल त्याग में जोर लगाना पड़े

  • मल त्याग के बाद भी अधूरापन महसूस हो

  • मल मार्ग में रुकावट महसूस हो

तो इसे कब्ज माना जाता है।


कारण | Causes

कब्ज कई कारणों से हो सकता है:

  • कम फाइबर वाला आहार

  • पानी की कमी

  • कम शारीरिक गतिविधि

  • मल त्याग की इच्छा को बार-बार रोकना

  • दवाइयाँ (painkillers, iron, antidepressants आदि)

  • बीमारियाँ (डायबिटीज, हाइपोथायरॉइड, IBS, न्यूरोलॉजिकल रोग)


निदान | Diagnosis

डॉक्टर आमतौर पर कब्ज का पता लगाते हैं:

  1. इतिहास और लक्षण पूछकर

  2. शारीरिक जांच (पेट और रेक्टल एग्ज़ामिनेशन)

  3. जाँच (जरूरत पड़ने पर)

    • खून की जांच (थायरॉयड, डायबिटीज़)

    • कोलोनोस्कोपी (यदि खून आना, वजन घटना, एनीमिया हो)

    • इमेजिंग (X-ray, CT, motility studies)


उपचार | Treatment

1. जीवनशैली और खान-पान | Lifestyle & Diet

  • फाइबर बढ़ाएँ: फल, सब्ज़ियाँ, साबुत अनाज, दालें

  • पानी पर्याप्त पिएँ: रोज़ 8–10 गिलास

  • नियमित व्यायाम: वॉकिंग, योग, स्ट्रेचिंग

  • नियमित मल त्याग का समय बनाएँ

  • प्रोसेस्ड फूड और मीठा कम करें

2. दवाइयाँ | Medications

  • Bulk forming agents – इसबगोल

  • Osmotic laxatives – lactulose, PEG

  • Stool softeners – docusate sodium

  • Stimulant laxatives – bisacodyl, senna (कम समय के लिए)

3. अन्य उपाय | Advanced Therapies

  • Biofeedback therapy (पेल्विक फ्लोर डिसफंक्शन में)

  • Enema / suppositories (गंभीर कब्ज में)

  • सर्जरी – बहुत कम मामलों में


डॉक्टर से कब मिलें? | When to See a Doctor

यदि कब्ज:

  • 2 हफ्ते से ज्यादा रहे

  • मल में खून आए

  • वजन तेजी से घटे

  • पेट दर्द या उल्टी के साथ हो

तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।


निष्कर्ष | Conclusion

कब्ज अक्सर जीवनशैली से जुड़ी समस्या है, लेकिन लगातार रहने पर इसे नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। संतुलित आहार, पर्याप्त पानी और नियमित व्यायाम सबसे अच्छे बचाव के उपाय हैं।

Radha Krishna Critical Care Hospital, Kota में हम आपके पाचन स्वास्थ्य के लिए संपूर्ण परामर्श और व्यक्तिगत देखभाल प्रदान करते हैं।

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